Who Is The God Of Romance : कौन हैं प्यार के देवता, वेलेंटाइन डे से पहले मना लीजिए #news4
January 17th, 2021 | Post by :- | 187 Views
आमतौर पर लड़के या लड़की की शादी के लिए ग्रह-नक्षत्र जिम्मेदार होते हैं पर कई बार प्यार से संबधित देवता को प्रसन्न करने पर भी अनुकुल परिणाम मिल सकते हैं। वेलेंटाइन डे से पहले अपने मनचाहे प्यार के लिए इन देवताओं को मना लीजिए….
कामदेवः काम का मतलब है प्यार, हसरत, इच्छा और सेक्सुअलिटी। देव का अर्थ है दैवीय या स्वर्गिक। अथर्व वेद में काम को इच्छाओं के लिए कहा गया है न कि सेक्सुअल आनंद के लिए। कामदेव की तुलना अक्सर ग्रीक देवता इरोज से की जाती है। कभी उन्हें पश्चिमी देशों में प्रचलित क्यूपिड के रूप में दिखाया जाता है। कामदेव को ऐसे देवता के रूप में माना जाता है जो हमारी हसरतों, प्यार और वासना के लिए जिम्मेदार है। युवा और सुंदर कामदेव भगवान ब्रह्मा के पुत्र माने जाते हैं। उन्हें मनमदन या काम कहा जाता है।
भगवान कृष्णः कृष्ण हिंदू मान्यताओं के अनुसार रास और रोमांस के देवता हैं। प्यार और काम भावना के लिए उनकी भी आराधना की जाती है। जो जोड़ा भगवान कृष्ण और राधा की पूजा करता है, वो जिंदगीभर एक दूसरे को कृष्ण-राधा की तरह ही प्यार करता है।
रतिः प्यार, हसरत, वासना और सेक्सुअल आनंद की देवी हैं। माना जाता है कि प्रजापति दक्ष की बेटी हैं। वह भगवान कामदेव की सहायक हैं। स्त्रियां और लड़कियां अक्सर प्यार और शारीरिक संगति के लिए रति की पूजा करती हैं।
भगवान शिवः सृष्टि का सबसे प्रेमिल जोड़ा है शिव पार्वती, सबसे पहला प्रेम विवाह भी उन्हीं का माना जाता है। महिलाएं अच्छा जीवनसाथी पाने के लिए भगवान शिव की पूजा आराधना करती हैं। पूरे देश में शिव को इसके लिए खुश करने की परंपरा है। महाशिवरात्रि और सोमवार के दिन लड़कियां मनचाहा जीवनसाथी मांगती हैं।
चंद्र और शुक्र:
चंद्र का मतलब है चंद्रमा। चांद हमेशा से प्यार का प्रतीक रहा है। उसे लेकर न जाने प्यार के कितने रूपक गढ़े गए। कितनी ही कविताएं लिखी गईं। युगों-युगों से ऐसा होता रहा है। चंद्रमा की पूजा से वही प्यार मिलता है, जिसकी कामना कर रहे हैं। वैसे चंद्रदेव और शुक्र को मन की नाजुक अनुभूतियों का देवता माना जाता है।

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