Coronavirus: कोरोना से संक्रमित होने पर ऐसे प्रभावित होती सूंघने की शक्ति और ज़बान का स्वाद … #news4
October 22nd, 2020 | Post by :- | 129 Views

Coronavirus: सूंघने की शक्ति और ज़बान के स्वाद का ग़ायब होना कोरोना वायरस के  सबसे अहम लक्षणों में से हैं। साल की शुरुआत में बताया गया था कि बुख़ार, खांसी और सांस लेने में तकलीफ कोविड-19 के शुरुआती लक्षण हैं। जबकि मार्च में कई शोधकर्ताओं ने पाया कि ऐसे कोविड-19 के मरीज़ों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी सूंघने की शक्ति और ज़बान का स्वाद ग़ायब हो रहा है। वहीं,  अप्रैल 2020 तक, लगभग 60% संक्रमित लोगों में दो लक्षण पाए गए थे।

सूंघने की शक्ति के जाने से मरीज़ों पर शारीरिक तौर पर असर तो पड़ता ही है बल्कि गहरा भावनात्मक प्रभाव भी पड़ता है। जीवन के छोटे सुखों का अनुभव करने में असमर्थ होने के साथ उन्हें इस चिंता से भी निपटना पड़ता है जो उबरने और संभालने के दबाव से उत्पन्न होती है।

हालांकि, ये ज़रूर साबित हो चुका है कि सूंघने की शक्ति और ज़बान के स्वाद का ग़ायब होना कोविड-19 के लक्षण है, लेकिन यह निदान की प्रक्रिया में रोगियों के लिए भ्रम और संदेह पैदा कर बाधा बहुत बनते हैं। इसलिए इन लक्षणों को समझना बेहद ज़रूरी है।

पानी का स्वाद बेहद मीठा लगेगा

श्वेता शर्मा, जो अपने परिवार के साथ कोविड-19 पॉज़ीटिव पाई गई थीं, ने बताया कि कोरोना होने के दूसरे हफ्ते में उनकी सूंघने की शक्ति और ज़बान के स्वाद का ख़त्म होने लगा। वह न तो कुछ सूंघ पा रही थीं, और न ही किसी चीज़ का स्वाद आ रहा था। पानी का स्वाद बेहद मीठा लग रहा था। इसके अलावा, थकावट के साथ उन्हें कंजेशन और सर्दी भी हो गई थी।

वहीं, शक्ति का कहना है कि उन्हें कोरोना जून में हुआ था। कोविड-19 के बाकी लक्षणों से पहले उनकी सूंघने की शक्ति और ज़बान के स्वाद का ग़ायब हो गया था।

लंबे समय तक ग़ायब रहती है सूंघने और चखने की शक्ति

दिल्ली में रहने वाली स्वाति का कहना है कि वह हाल ही में कोरोना वायरस संक्रमण से ठीक हुई हैं, लेकिन सूंघने की शक्ति और ज़बान के स्वाद अब भी वापस नहीं आया है। वहीं, बाकि के लक्षण धीरे-धीरे चले गए हैं।

10 महीनों बाद भी वायरस के खिलाफ लड़ाई अब भी जारी है। इसलिए ये ज़रूरी है कि सभी को सभी लक्षणों के बारे में पता हो, ताकि लक्षणों के गंभीर होने पर फौरन मेडिकल मदद ली जा सके।

 

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