Atal Tunnel से शिलान्यास पट्टिका हटाने पर आक्रामक हुए राठौर, सरकार को याद दिलाया Ultimatum … #news4
October 15th, 2020 | Post by :- | 132 Views

अटल टनल रोहतांग से कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के नाम की शिलान्यास पट्टिका हटाए जाने के मामले पर कांग्रेस हमलावर होती जा रही है। इसी कड़ी में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने शिलान्यास पट्टिका को पुनर्स्थापित करने के लिए दिए गए 15 दिनों के अल्टीमेटम को याद दिलाते हुए कहा कि यदि सरकार ऐसा नहीं करती है तो प्रदेशभर में आंदोलन किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह तो कहा जा रहा है कि पट्टिका सुरक्षित है लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया जा रहा है कि आखिर किसके इशारे पर शिलान्यास पट्टिका को टनल से हटाया गया और कब तक उसे पुनर्स्थापित कर दिया जाएगा।

…तो आंदोलन से निपटने को तैयार रहे सरकार

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष वीरवार को पार्टी मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इसे कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहती लेकिन यदि निश्चित समय पर उसे पुनस्र्थापित नहीं किया जाता है तो सरकार आंदोलन से निपटने को तैयार रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इतिहास से छेड़छाड़ कर रही है। टनल का शिलान्यास सोनिया गांधी ने 28 जून, 2010 को किया था, ऐसे में उनके नाम की शिलान्यास पट्टिका को वहां से हटाना लोकतंत्र की मर्यादा का हनन है और अनैतिक है।

बीआरओ बताए, किसके आदेश पर निकाली थी पट्टिका

उन्होंने कहा कि कांगे्रस द्वारा की गई शिकायत के बाद कम से कम बीआरओ ने माना तो सही कि शिलान्यास पट्टिका उसके पास है। उन्होंने बीआरओ से पूछा है कि उसने यह पट्टिका किसके आदेश से निकाली थी और अब उसे वहां पुनर्स्थापित करने के लिए किसका आदेश चाहती है। उन्होंने कहा कि टनल के निर्माण को लेकर जिस प्रकार की राजनीति भाजपा कर रही है, वह बहुत ही निंदनीय है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने भी पट्टिका हटाने को गलत ठहराया है।

ऋणों पर अब वसूला जा रहा चक्रवृद्धि ब्याज

उन्होंने कहा कि सरकार ने कोरोना महामारी के दौरान लोगों को राहत देने की बजाय उन पर महंगाई थोपी है। किसानों पर पहले ही एक काला कानून थोप दिया है और अब उनके ऋणों पर चक्रवृद्धि ब्याज वसूला जा रहा है। उन्होंने प्रदेश के अस्पतालों में टैस्टों की दरें बढ़ाने की आलोचना करते हुए इसे रद्द करने की मांग भी की है।

सीमैंट कंपनियों के आगे टेक दिए घुटने

उन्होंने सीमैंट कंपनियों की मनमानी पर भी हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि सरकार ने कंपनियों के आगे अपने घुटने टेक दिए हैं। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में सीमैंट के दामों में 52 रुपए की वृद्धि हुई है। प्रदेश में बनने वाला सीमैंट प्रदेश में महंगा और अन्य राज्यों में सस्ता बिक रहा है, यह प्रदेश के साथ एक बड़ा अन्याय है।

सरकार ने जनता को छोड़ा रामभरोसे

उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों से लोगों में भय का माहौल है। सरकार इसके प्रोटोकॉल का सही ढंग से अनुपालन नहीं कर रही है। सरकार ने लोगों को रामभरोसे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार कोविड-19 से बचाव के नियम कड़ाई से लागू करे ताकि इसके बढ़ते प्रकोप से बचा जा सके।

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