दुर्गा पूजा में बलि पर लगी पाबंदी, भक्तों को नहीं रास आया फैसला …. #news4
October 25th, 2020 | Post by :- | 181 Views

कोरोना के मध्य विजयादशमी का पर्व गवर्मेंट तथा एडमिनिस्ट्रेशन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। श्रद्धालु अपनी आस्था के सामने सरकारी गाइडलाइन, पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन तथा मंदिर समिति की एक नहीं सुन रहे हैं। बिहार नेपाल सीमाई क्षेत्र में कई लोकप्रिय मंदिर हैं। नेपाल का गहवा माई मंदिर, बिदवासनी माई गढ़ी माई में सप्तमी के दिन खास वंदना की जाती है तथा अष्टमी, नवमी के दिन बलि देने की मान्यता है।

वहीं, एडमिनिस्ट्रेशन ने भीड़ को देखते हुए इस बार बलि पर प्रतिबन्ध लगा दिया है। ऐसे में एक श्रद्धालु का कहना है कि माता ने मेरी मनोकामना पूर्ण की है तो क्या डर से अपनी भक्ति भी नहीं दिखाएं। बता दें कि अष्टमी तथा नवमी के दिन माता के श्रद्धालु कबूतर, बकरे से लेकर भैंस की बलि देते हैं। वही रक्सौल के मनोकामना माई मन्दिर में नवमी को बलि दी जाएगी। जिसको लेकर शाम से ही मन्दिर के आसपास में श्रद्धालुओं की भीड़ लगना आरम्भ हो जाती है। जबकि मन्दिर समिति समेत पुलिस ने भीड़ को देखते हुए बलि पर प्रतिबंध लगा दिया है। उसके बाद भी भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचने लगे हैं।

वही कुछ शर्तों के साथ श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर को बंद कर दिया गया है। सिर्फ मंदिर पुजारी द्वारा दैनिक पूजा की जा रही है। आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर में एंट्री पर पाबंदी है। इसके बाद भी हजारों के आंकड़ों में श्रद्धालु मंदिर के द्वार तथा मंदिर के आसपास के स्थानों पर दुर्गा की पूजा तथा बलि चढ़ा रहे हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी है कि पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन के साथ मंदिर समिति के पसीने छूट रहे हैं।

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