जम्मू कश्मीर में वोटिंग खत्म:DDC की 43 सीटों के लिए चुनाव खत्म, पहली बार पाक रिफ्यूजियों ने भी मतदान किया
November 28th, 2020 | Post by :- | 187 Views

जम्मू कश्मीर में शनिवार को लोकतंत्र की नई इबारत लिखी गई। आर्टिकल 370 हटने और केंद्र शासित राज्य बनने के बाद यहां पहली बार वोटिंग हुई। सुबह 7 बजे से 2 बजे तक वोट डाले गए। 11 बजे तक 22.12% मतदान हो चुका था।। कोरोना, आतंकवाद और ठंड की चुनौतियों के बीच लोकतंत्र का यह त्योहार जम्मू कश्मीर के लोगों के लिए कई मायनों में अहम है।

पहली बार करीब 1 लाख पाकिस्तानी रिफ्यूजियों ने वोट डाला
DDC, पंच और सरपंच चुनावों में पहली बार पश्चिमी पाकिस्तान के रिफ्यूजी को भी वोट करने का अधिकार दिया गया। सात दशक में पहली बार ऐसा है कि जब इन रिफ्यूजियों ने राज्‍य में पंचायत स्तरीय चुनाव में वोटिंग की। जानकारी के अनुसार, जम्मू और कश्मीर में पश्चिमी पाकिस्तान से आए शरणार्थियों के 22 हजार से अधिक परिवार हैं।

आबादी के लिहाज से इनकी संख्‍या 1.5 लाख से ज्यादा है। इनमें 1 लाख रिफ्यूजी को वोटिंग का अधिकार है। आर्टिकल 370 लागू रहने तक ये रिफ्यूजी केवल लोकसभा चुनाव में ही वोट कर पाते थे। इन्हें विधानसभा, स्थानीय निकाय चुनाव और पंचायती चुनाव में वोट डालने का अधिकार नहीं था।

DDC के लिए 296 प्रत्याशी मैदान में
वोटर्स ने जिला विकास परिषद (DDC) के 43 सीटों के लिए 296 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला किया। इनमें 25 सीटें कश्मीर और 18 जम्मू की हैं। पंच और सरपंच के उपचुनाव के लिए कुल 1179 प्रत्याशी मैदान में थे। इनमें 899 ने पंच और 280 प्रत्याशियों सरपंच पद के लिए अपनी किस्मत आजमाई।

इसके अलावा 16 वॉर्ड के चुनाव भी होंगे। इनमें श्रीनगर के 2 वॉर्ड के लिए 21 और पहलगाम के 9 वॉर्ड के लिए 31 प्रत्याशी मैदान में हैं। अनंतनाग जिले के 5 वॉर्ड चुनाव के लिए 10 प्रत्याशियों ने नामांकन किया है। राज्य चुनाव आयोग ने पहले चरण की वोटिंग के लिए 2644 पोलिंग बूथ बनाए। यहां 7 लाख 3 हजार 620 वोटर्स ने वोट किया।

वोटिंग से जुड़ी अहम जानकारी

  • पोलिंग बूथ पर बैलट से वोटिंग हुई।
  • कोरोना मरीज, आइसोलेट किए गए, बुजुर्ग और शारीरिक रूप से बीमार लोगों पोस्टल बैलट से वोट किया।
  • सुरक्षा के लिहाज से पुलिस और पैरा मिलिट्री फोर्स की 165 कंपनियों को तैनात किया गया।
  • कोविड-19 के प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए पहले के मुकाबले ज्यादा मतदान केंद्र बनाए गए।
  • कश्मीर के कुपवाड़ा में LoC से सटे कई इलाकों में मतदाता कम हैं। यहां हेलिकाप्टर से चुनावी सामग्री और स्टाफ भेजे गए।

पहली बार प्रदेश की 6 पार्टियां मिलकर मैदान में
जम्मू कश्मीर के इतिहास में यह पहली बार है, जब राज्य की 6 प्रमुख पार्टियां एकसाथ मिलकर चुनावी मैदान में हैं। आर्टिकल 370 हटने के बाद इन पार्टियों ने मिलकर गुपकार अलायंस बनाया है। इनमें डॉ. फारूक अब्दुल्ला की अध्यक्षता वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस, महबूबा मुफ्ती की अगुआई वाली पीडीपी के अलावा सज्जाद गनी लोन की पीपुल्स कॉन्फ्रेंस, अवामी नेशनल कॉन्फ्रेंस, जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट और माकपा की स्थानीय इकाई शामिल है। इनके सामने भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी मैदान में हैं। मौजूदा राजनीतिक समीकरण के अनुसार गुपकार अलायंस कश्मीर में मजबूत है, जबकि भाजपा की स्थिति जम्मू में काफी मजबूत है।

8 फेज में जानिए कब-कब पड़ेंगे वोट?
पहला फेज : 28 नवंबर
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छठा फेज : 13 दिसंबर
सातवां फेज : 16 दिसंबर
आठवां फेज : 19 दिसंबर

2018 में हुआ था चुनाव
इसके पहले नवंबर-दिसंबर 2018 में पंचायती चुनाव हुआ था। इनमें 33 हजार 592 पंच सीटों पर 22 हजार 214 प्रत्याशी और 4,290 सरपंच पदों पर 3,459 प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की थी। बाकी सीटें खाली रह गई थी, जहां अब उपचुनाव हो रहे हैं।

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