पराला सब्जी मंडी में पहाड़ी मटर और फ्रासबीन की आमद शुरू #news4
June 9th, 2021 | Post by :- | 116 Views

ठियोग : उपमंडल ठियोग स्थित पराला सब्जी मंडी में पहाड़ी मटर और फ्रासबीन की आमद शुरू हो गई है। सीजन केशुरुआत में ही किसानों को मटर के 35 से 55 और फ्रासबीन के 45 से 65 रुपये प्रति किलो दाम मिल रहे हैं। ठियोग के आसपास के इलाकों से मंडी में रोजाना क्विंटलों के हिसाब से मटर पहुंच रहा है। शिमला से मटर की खेप अन्य राज्यों को भेजी जा रही है।

इस वर्ष सब्जी उत्पादकों को मटर व फ्रासबीन के बढि़या दाम मिल रहे हैं। पिछले साल लाकडाउन के दौरान सीजन की शुरुआत में मटर 20 से 25 रुपये प्रति किलो बिका था। इस साल दाम दोगुने हैं। वहीं दूसरी ओर ठियोग की विभिन्न पंचायतों में पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि के कारण दागी हुई फसल की वजह से किसानों को उनकी फसल के अच्छे दाम नहीं मिल पा रहे हैं। ओलावृष्टि से कई पंचायतों में तैयार हुई फूल गोभी पर ओले के दाग पड़ने से इस फसल पर सबसे अधिक असर हुआ है।

बुधवार को पराला सब्जी मंडी में जहां बिना ओलों की मार वाली अच्छी फूल गोभी 14 रुपये प्रति किलो तक बिकी, वहीं ओलों के दाग वाली गोभी के किसानों को चार रुपये प्रति किलो के दाम मिले। अपनी फसल के इतने कम दाम मिलने से किसान परेशान हैं। एक किलो गोभी की पैदावार करने और उसे मंडी तक पहुंचाने में पांच से छह रुपये का खर्च आ जाता है, लेकिन चार रुपये प्रति किलो के दाम मिलने से किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। 80 फीसद किसान सब्जी उगा चलाते हैं घर का खर्च

इस साल कई पंचायतों में ओलों और तूफान से स्टोन फ्रूट और सेब को भी काफी नुकसान हुआ है। ठियोग के किसानों का पूरा दारोमदार सब्जियों की नकदी फसलों पर टिका हुआ है। ठियोग में साल भर ऊंचे, मध्यम और निचले इलाकों में बेमौसमी सब्जियां उगाई जाती हैं और 80 फीसद किसान इन्हीं सब्जियों से अपना गुजारा चलाते हैं। ऊंचाई वाले इलाकों जहां पानी की कमी है वहां किसान बरसात में सब्जियों की खेती करते हैं। मटर व फ्रासबीन के अच्छे दाम मिलने से किसान खुश

मंडियों में मटर और फ्रासबीन के दाम अच्छे मिलने से इन सब्जियों को उगाने वाले किसान खुश हैं। पराला मंडी में बुधवार को हरे मटर के दाम 35 से 55 रुपये प्रति किलो के हिसाब से रहे। मंडी में फ्रासबीन 45 से 65 रुपये प्रति किलो के हिसाब से किसानों से खरीदी गई। इसके अलावा स्टोन फ्रूट में आडू, प्लम और चेरी के भी बागवानों को अच्छे दाम मिल रहे हैं।

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