15 दिन में लागू होने जा रहा है नया मोटर व्हीकल एक्ट … #news4
October 21st, 2020 | Post by :- | 229 Views

एक हजार से कम नहीं होगा चालान

15 दिन में लागू होने जा रहा है नया मोटर व्हीकल एक्ट

हिमाचल प्रदेश के लाखों लोग, जिनके पास अपने वाहन हैं, सचेत हो जाएं। प्रदेश सरकार हिमाचल में नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू करने जा रही है। केंद्र सरकार ने प्रदेश को इसके लिए 15 दिन का समय दिया है और खुद मुख्य सचिव ने आश्वासन दिया है कि 15 दिन में यहां पर नया एक्ट लागू कर दिया जाएगा। अब जो भी वाहन चालक तय नियमों की अवहेलना करेगा, उसका बड़ा चालान होगा। प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार के नए एक्ट में रखे गए प्रावधानों को अक्षरशः लागू करने की सोच ली है। इसमें न्यूनतम चालान की राशि एक हजार रुपए की रहेगी। हालांकि प्रदेश सरकार तय की गई न्यूनत्तम दरों को यहां पर अपनाने जा रही है, लेकिन न्यूनतम चालान की एक हजार रुपए का है। एक हजार रुपए से लेकर 25 हजार तक की जुर्माना राशि अलग-अलग अफेंस पर लगेगी।

जिस तरह का अफेंस वाहन चालक करेगा, उस पर उसी के हिसाब से जुर्माना लगेगा। अभी तक पुराना मोटर व्हीकल एक्ट यहां पर लागू है, जिसमें सीट बैल्ट के चालान की बात करें तो न्यूनतम 100 रुपए हैं। इसी तरह से यदि वाहन को सड़क पर नो पार्किंग में खड़ा किया हो तो, वहां पर 500 से एक हजार तक का अधिकतम चालान हो जाता है, मगर अब चालान की राशि एक हजार रुपए से शुरू होकर 25 हजार रुपए तक का होगा। इसके अलावा कई दूसरी कड़ी शर्तें भी केंद्र सरकार ने अपने नए मोटर व्हीकल एक्ट में लगा रखी हैं। सूत्रों के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने मॉनिटरिंग के लिए एक कमेटी का गठन कर रखा है, जो यह देख रही है कि किस राज्य ने नए एक्ट को लागू किया या नहीं। इसमें हिमाचल प्रदेश का नाम भी आया है। पिछले साल केंद्र सरकार ने यह एक्ट लागू कर दिया था, मगर हिमाचल सरकार ने एक साल में इसे लागू नहीं किया। यह मामला परिवहन विभाग, सचिवालय और कानून विभाग के बीच में ही झूलता रहा। सूत्र बताते हैं कि विधि विभाग ने इसमें अपनी राय दे दी है, मगर उसमें कुछ अस्पष्टता है, लिहाजा दोबारा से फाइल वैट करने के लिए उसे भेजी गई है।

कैबिनेट मीटिंग का इंतजार

नए एक्ट को मुख्य सचिव द्वारा 15 दिन में लागू किए जाने का आश्वासन देने के बाद यहां कैबिनेट बैठक होने का इंतजार किया जा रहा है, जिसमें एक्ट के प्रारूप को लाया जाएगा। इसे लागू करने पर कैबिनेट की मुहर लगनी शेष है। हालांकि नए एक्ट में कुछ ऐसे प्रावधान हैं, जो कि हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुकूल नहीं। राज्य सरकार इस मामले को जितना लटका सकती थी, लटकाया, पर अब ऐसा नहीं हो सकता।

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