बिलासपुर में पकड़ी कीड़ाजड़ी.. लीगल या इलीगल..? #news4
July 21st, 2021 | Post by :- | 146 Views

बिलासपुर सदर थाने के पुलिस कर्मचारियों नें लगभग 900 ग्राम कीड़ाजड़ी (caterpillar) पकड़ी है। मामले में कुल्लू के कसोल निवासी और दिल्ली के एस शख्स को वन अघिनियम के तहत गिरफ्तार किया है।

मामले का दूसरा पहलू यह है कि विभाग के अधिकारियों के पास सही सही जानकारी नहीं है । यह लीगल है या इलीगल, इस पक वहस छिड़ गई है।

वास्तव में कीड़ाजड़ी की लगभग 600 किस्में होती हैं, जिनमें से बहुत सी मशरूम प्रजाति में भी गिनी जाती हैं। वहुत सी किस्में लैव में तैयार होती हैं । ऐसे में क्या विभाग इसे गैरकानूनी साबित कर पाएगा…?

क्या है कीड़ाजड़ी…?
कीड़ाजड़ी को कई औषधियों में प्रयोग किया जाता है।
कीड़ा जड़ी एक तरह की फफूंद है, ये जड़ी पहाड़ों के लगभग 3500 मीटर की ऊंचाई वाले इलाकों में पाई जाती है, जहां ट्रीलाइन ख़त्म हो जाती है, यानी जहां पेड़ उगने बंद हो जाते हैं. एक कीट का कीट का प्यूपा लगभग 5 साल पहले हिमालय और तिब्बत के पठारों में भूमिगत रहता है. अपने सूँडी बनने के दौरान,इस पर ओफियोकार्डिसिपिटैसियस वंश की फफूँदी द्वारा हमला किया जाता है, जो अपने जाल में लपेटकर इस कीड़े को मारता है. इसके बाद यह फफूँदी सूँडी के शरीर में प्रवेश करती है. यह सूँडी से ऊर्जा को चूसने और कीड़े के सिर के माध्यम से अपना रास्ता निकालता है. इसके बाद यह फफूँदी (मशरूम) सूँडी के माथे से निकलती है. इस तरह कीड़ा जड़ी प्राप्त होती है

नए कृषि कानून में किसानों को इस प्रकार की कई फसलें उगाने की छूट है। कीड़ाजड़ी की कई किस्में टिशू कल्चर से, मसरूम की तरह उगाई जा सकती हैं। ऐसे में पुलिस कम जानकारी के चलते कैसे साबित कर पाएगी कि ,पकड़ी गई यह कीड़ाजड़ी, गैरकानूनी है

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