गुरु नानक की याद:पानीपत में गुरु नानक देव के प्रकाश पर्व पर की किसानों की जीत की अरदास
November 30th, 2020 | Post by :- | 127 Views

शहर के सभी गुरुद्वाराें में सोमवार को श्री गुरु नानक देव जी का पावन प्रकाश पर्व श्रद्धाभाव से मनाया गया। कई गुरुद्वाराें में किसानाें की जीत के लिए भी अरदास की गई। साथ ही युवाओं को नशों से बचाव का भी संदेश दिया गया।

श्री गुरुद्वारा शाह साहिब वार्ड-9
गुरुद्वारा में अरदास करते हुए 13वें गद्दीनशीन सरदार गुरविंदर शाह सिंह ने अच्छाई की राह पर चलने का संदेश दिया। उन्हाेंने कहा कि 7 वर्ष की आयु में गुरु नानक देव जी के पिताजी ने गुरु जी को पढ़ाने के लिए पांडा घर बुलाया। गुरु जी ने कहा कि आप मुझे पढ़ाने आए हो। क्या अाप कुछ पढ़े हुए हो। यह सुनकर पांडा हैरान हो गया। गुरु नानक देव जी के कहा कि मुझे वह पढ़ाई पढ़ाओ, जिससे माया अाैर तृष्णा से मोह बंधन सब छूट जाए। इस दाैरान नाम सिमरन व सत्संग कार्यक्रम भी हुअा। कार्यक्रम का समापन लंगर के साथ हुअा। इस अवसर पर प्रदीप रेवड़ी, सुरेंद्र रामडे, मनोज चुघ, भारत भूषण, सुंदर दास चुघ, मुरलीधर, ईश्वर जुनेजा, सतनाम सिंह, अतेंद्र सिंह, प्रीतपाल सिंह, हरप्रीत सिंह व जितेंद्र नारंग मौजूद रहे।

श्री गुरु रामदास सिंह सभा माॅडल टाउन
गुरुद्वारा में धन धन श्री गुरु नानक देव जी का पावन प्रकाश अलौकिक कीर्तन समागम हुअा। सुबह 10:30 से दोपहर 2:00 बजे हुए कार्यक्रम में गुरु बाणी कीर्तन व कथा विचार विशेष रूप से प्रस्तुत हुए। बाबा बंता सिंह मुंडा पिंड वाले ने श्री गुरु नानक देव जी के जीवन बारे बताया। उन्हाेंने कहा कि जब दुनिया पर पाप बहुत अधिक बढ़ गया था। लोग अंध विश्वास में पूरी तरह फंसे हुए थे। तब खुद निरंकार श्री गुरु नानक जी का रूप बन कर दुनिया में आए। लोगों को अमन और शांति का संदेश दिया। इस जलती हुई लोकाई को गुरुबानी से जोड़ कर धन्य किया। उन्हाेंने दावा किया कि श्री गुरु नानक देव जी ने इतिहास के मुताबिक 70 हजार किलोमीटर पैदल यात्रा की।

नेपाल, श्रीलंका, इराक व अफगानिस्तान समेत कई देशों में गए। सभी को मानवता का पाठ पढाया। रागी जत्थाें ने कीर्तन से संगतों काे निहाल किया। संगतों ने गुरबानी का भरपूर आनंद लिया। जयकारों से गुरुमयी माहौल बना दिया। इस दाैरान संगतों को मास्क व सेनिटाइजर भी वितरित किए गए। काेविड-19 काे ध्यान में रखकर सुबह ही ही लंगर शुरू कर दिया, ताकि भीड़ ज्यादा जमा ना हो पाए। श्री गुरुद्वारा सभा प्रधान सरदर गुरशरण सिंह बबू ने बताया कि धन गुरु गोबिंद सिंह के पावन प्रकाश के उपलक्ष्य में 15 दिसंबर से सुबह 5 बजे प्रभात फेरियां शुरू हाेंगी। इस अवसर पर कुलदीप सिंह, सतविंद्र पाल, जगजीत सिंह कालरा, शेर सिंह, उपकार सिंह, गुविंद्र सिंह बग्गा व हरविंद्र सिंह मौजूद रहे।

श्री गुरु तेग बहादूर भवन, जीटी राेड
श्री गुरुद्वारा पहली पातशाही की ओर से जीटी राेड स्थित श्री गुरु तेग बहादूर भवन में श्री गुरुनानक देव जी का प्रकाश पर्व मनाया गया। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का बड़ा ही सुंदर दरबार सजाया। शबद कीर्तन
कार्यक्रम सुबह 10 बजे से दाेपहर 2:30 बजे तक चला। इसमें सबसे पहले श्री गुरु नारक स्त्री सत्संग सभा ने शबद कीर्तन किया। इसके उपरांत हजूरी रागी जत्था भाई अमरीक सिंह ने गुरुबाणी गायन करके संगताें काे संताें के साथ जाेड़ा। इसके बाद ज्ञानी बलविंद्र सिंह हैड ग्रंथी ने गुरु जी के जीवन पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात श्री सुखमणि साहिब सेवा सोसायटी व अखंड कीर्तनी जत्था ने शबद व श्री गुरु बाणी गायन करके सभी का मन माेह लिया। अंत में पंजाब के लुधियाना से अाए ढाडी जत्थे बीबी राजवंत काैर ने गुरु जी का जीवन संगीतमयी तरीके से प्रस्तुत किया। श्री गुरु जी का लंगर अटूट बरताया गया। श्री गुरुद्वारा सभाअाें ने शहर की धार्मिक सभाअाें व समाज सेवियाें अाभार प्रकट किया। साथ ही प्रसाद भेंट कर सम्मानित किया। रात में भी कीर्तन दरबार सजाया गया। इस अवसर पर सरदार लखविंद्र सिंह, सरदार सुखदेव सिंह, कुलदीप सिंह, साहिब सिंह, अघम अपार सिंह व गुरचरण सिंह विर्क माैजूद रहे।

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