संवरेंगे मंडी जिले के ऐतिहासिक मंदिर #news4
April 10th, 2021 | Post by :- | 75 Views

मंडी जनपद के ऐतिहासिक मंदिरों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। भाषा एवं संस्कृति विभाग के इस संबंध में भेजे गए प्रस्ताव को सरकार ने मंजूरी दे दी है। प्रथम चरण में सात मंदिरों की मरम्मत कर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं जुटाई जाएंगी। इस कार्य पर एक करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। संबंधित खंड विकास अधिकारी के माध्यम से पंचायतों को पहली किस्त के रूप में 50 फीसद राशि जारी कर दी गई है। शेष बाद में जारी की जाएगी।

पहले मंदिरों के मरम्मत कार्य व अन्य सुविधाओं के लिए राशि देवता समिति को दी जाती थी। कुछ स्थानों पर अनियमितता के कारण सरकार ने राशि को खंड विकास अधिकारी के माध्यम से संबंधित देवता की पंचायत को देने का निर्णय लिया है।

मंडी जनपद में सैकड़ों साल पुराने मंदिर हैं। अधिकतर प्राचीन मंदिरों की हालत खस्ता है। स्थानीय मंदिर समितियां हालांकि अपने स्तर पर मंदिरों का मरम्मत कार्य करवा रही हैं। देवताओं के प्रति आस्था रखने वाले लोग भी सहयोग करने के साथ-साथ श्रमदान करते हैं, लेकिन इन मंदिरों के स्वरूप को बचाने के लिए लाखों रुपये की दरकार होने के कारण भाषा एवं संस्कृति विभाग ने प्रस्ताव बनाकर सरकार को मंजूरी के लिए भेजा था। सरकार ने मंदिरों की मरम्मत के लिए पहली किस्त के रूप में 50 फीसद राशि जारी कर दी है। शेष 50 फीसद राशि दूसरे चरण में जारी की जाएगी।

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सरकार से मंजूर राशि संबंधित खंड विकास अधिकारियों के माध्यम से पंचायत को जारी की गई है। भाषा एवं संस्कृति विभाग ने पिछले साल देवता समितियों के आग्रह पर प्रस्ताव सरकार को भेजा था। इसे मंजूरी मिल गई है। इस राशि से प्राचीन मंदिरों का मरम्मत कार्य व अन्य सुविधाएं जुटाई जाएगी।

-रेवती सैनी, जिला भाषा एवं संस्कृति अधिकारी मंडी।

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इन मंदिरों के लिए जारी हुई राशि

निहरी सुनाह क्षेत्र के गढ़पति देव तुंगासी व महामाया मंदिर की मरम्मत के लिए करीब 11 लाख रुपये मंजूर हुए हैं। बिहणी पनाहर के देव चपलांदू नाग मंदिर के 25 लाख रुपये, पद्धर के लक्ष्मीनारायण मंदिर (नगरोटा) के लिए नौ लाख, थाची क्षेत्र के खलवाहण स्थित देव चुंजवाला सात हार के लिए 18 लाख, बालीचौकी क्षेत्र की मुराह देउरा स्थित माता काश्मीरी मंदिर के लिए करीब 20 लाख तथा खणी पंचायत के दबेहड़ स्थित छांजणू घटोत्कच बौंझड़ी मंदिर के प्राचीन मंदिर की मरम्मत के लिए 25 लाख रुपये मंजूर हुए हैं।

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