जमीन की फर्द न होने पर पंजाब की मंडियों से लौटाया हिमाचल का गेहूं #news4
April 14th, 2021 | Post by :- | 27 Views

हिमाचल प्रदेश के किसानों का गेहूं पंजाब की अनाज मंडियों से लौटाया जा रहा है। यहां मंडी के संचालक किसानों से पंजाब की जमीन की ही फर्द (जमाबंदी) मांग रहे हैं। हिमाचल के किसान की फर्द स्वीकार नहीं की जा रही है। इससे किसानों को दोबारा व्यापारियों के चंगुल में फंसना पड़ रहा है और घाटा उठाना पड़ रहा है। केंद्र सरकार की ओर से गेहूं खरीद व्यवस्था में बदलाव किया गया है। फर्द दिखाने पर अब पैसा किसानों के खाते में सीधा आएगा। इसी के चलते किसानों से फर्द मांगी जा रही है। इससे पता चल सकेगा कि किसान ने कितनी भूमि में फसल उगाई है।

प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों से पंजाब की मंडियों में ट्रैक्टर-ट्राली में गेहूं लेकर गए किसान वापस आ रहे हैं। बद्दी, नालागढ़, परवाणू, भरतगढ़ और ऊना आदि क्षेत्रों से किसान पंजाब की अनाज मंडियों में ही गेहूं बेचते आ रहे थे। इन क्षेत्रों में अनाज मंडी नहीं है। अब पंजाब की मंडियों में उनकी फसल नहीं ली जा रही है। इस संदर्भ में कृषि विभाग के विषयवाद विशेषज्ञ डॉ. प्रेम ठाकुर ने बताया कि प्रदेश सरकार को कालाअंब और पांवटा साहिब की तर्ज पर नालागढ़ में भी गेहूं खरीद केंद्र खोलना चाहिए, जिससे किसान अपनी फसल को यहीं पर ही बेच सकें।

कोटला के किसान जगजीत सिंह, मलपुर के सुरजीत सिंह, खेड़ा के अवतार सिंह, डूमनवाला के अमर सिंह ने बताया कि पंजाब की मंडी में गेहूं के दाम 1975 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहे हैं, लेकिन हिमाचल में 18 सौ रुपये प्रति क्विंटल तक खरीद की जा रही है। किसानों को 175 रुपये का सीधा घाटा हो रहा है। छोटे किसान व्यापारियों को गेहूं बेच कर घाटा उठा रहे हैं।

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