कोरोना से मौतों को प्राकृतिक आपदा मानकर सरकार दे 4-4 लाख रुपए : मुकेश अग्निहोत्री … #news4
October 16th, 2020 | Post by :- | 166 Views

नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि कोरोना से हुईं मौतों को प्राकृतिक आपदा मानते हुए प्रत्येक मृतक के परिवार को 4-4 लाख रुपए की राशि दी जाए। यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि ये मौतें सामान्य नहीं हैं। चूंकि प्राकृतिक आपदा घोषित हुई है, ऐसे में जिन लोगों की मौत का कारण कोरोना रहा है, उनके परिवार को तत्काल यह राशि जारी की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार कोरोनो को हल्के में ले रही है। न तो लोगों को कोई सुविधाएं दे रही है और न ही किसी प्रकार की मदद की जा रही है।

उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में अब तक कोरोना से 255 मौतें दर्ज हुई हैं जबकि आत्महत्याओं का आंकड़ा इससे 4 गुना ज्यादा है। सरकार आंकड़े जारी करे। प्रदेश में बड़े स्तर पर लॉकडाऊन और उसके बाद लोगों ने आत्महत्याओं का रास्ता अपनाया है। इसके लिए पूरी तरह से सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि लोग तनाव में हैं। नौकरियां छूट गई हैं। कारोबार बंद हो चुके हैं। एक तरफ नौकरी और कारोबार बंद होने से लोगों में निराशा है तो दूसरी तरफ बिजली के बिल और दूसरे टैक्सों ने पूरी तरह से तांडव मचाया है। ऐसे समय में जबकि लोग संकट में हैं, 2-2 महीने के बिजली के बिल दिए जा रहे हैं। बिजली के बिलों में भी काफी बड़ा फर्जीवाड़ा हो रहा है।

उन्होंने पूछा कि क्या यही कल्याणकारी सरकार है जो मुसीबत के समय भी लोगों को लूट रही है। नेता विपक्ष ने कहा कि एक तरफ बिजली के बिल तो दूसरी तरफ सीमैंट के दाम, बस किराया में वृद्धि तथा राशन के दामों में बढ़ौतरी के साथ-साथ पैट्रोल व डीजल के रेट भी बढ़े हैं। लोगों पर कई प्रकार की मार पड़ रही है। जनता भय और निराशा के माहौल में है। यही आत्महत्याओं का सबसे बड़ा कारण है। सरकार बताए कि इस संकट के समय उसने लोगों की किस प्रकार से मदद की है। आपदा के समय सीमैंट के दाम भी बढ़ा दिए गए हैं। सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में हाहाकार मचा हुआ है लेकिन सरकार पूरी तरह से गहरी निद्रा में सोई हुई है।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।