कीमोथैरेपी के लिए दे दी तिथि, बिना सूचना बंद कर दी कैंसर ओपीडी, मरीजों का बढ़ा मर्ज #news4
May 12th, 2021 | Post by :- | 281 Views

हिमाचल के दूसरे सबसे बड़े अस्पताल टांडा में इन दिनों चंबा, ऊना, हमीरपुर, मंडी और कांगड़ा जिले से आने वाले कैंसर रोगी दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। टांडा अस्पताल प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना दिए शनिवार से सुपर स्पेशिलिटी भवन में चलने वाली कैंसर रोगियों की ओपीडी बंद कर दी है। ऑनकालॉजी यानी कैंसर विज्ञान यूनिट के बंद होने के बाद निचले हिमाचल के कैंसर मरीज परेशान हैं।

कीमोथैरेपी और रेडियोथैरेपी करवाने के लिए अब इन कैंसर मरीजों को कोरोना संकट के बीच आईजीएमसी शिमला और पीजीआई चंडीगढ़ की दौड़ लगानी पड़ रही है। टैक्सी चालक मुंह मांगे दाम मांग कर इनको लूट रहे हैं। टांडा अस्पताल के डॉक्टरों ने मरीजों को कई दिन पहले कीमोथैरेपी और रेडियोथैरेपी करवाने के लिए तिथियां दे रखी थीं। अब जब मरीज ओपीडी में पहुंच रहे तो वहां ताला लगा मिल रहा है। टांडा अस्पताल को लेकर सरकार कितनी गंभीर है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले साल अगस्त माह में स्वास्थ्य मंत्री के रूप में जिम्मा संभालने वाले राजीव सैजल नौ माह के अपने कार्यकाल में दो से तीन बार ही टांडा आए हैं।

टांडा अस्पताल में अपने पिता जगदीश चंद की दूसरी कीमोथैरेपी करवाने आए कांगड़ा के नगरी गांव के रहने वाले अश्वनी कुमार ने बताया कि शनिवार से कैंसर ओपीडी बंद कर दी गई है। अब उनको अपने पिता को पिता चंडीगढ़ कीमोथैरेपी करवाने के लिए ले जाना पड़ेगा। सोमवार को  टांडा आए तो ओपीडी को ताला लगा था। अस्पताल ने उनको 20 दिन पहले आने के लिए तिथि दी थी। अगर ओपीडी बंद करनी थी तो अस्पताल प्रशासन को पहले बताना चाहिए था। पिता तकलीफ में हैं और अब इलाज कहां करवाएं समझ नहीं आ रहा है।

कैंसर की ओपीडी को बना दिया कोरोना वार्ड
टांडा अस्पताल के प्राचार्य डॉ. भानु अवस्थी ने माना कि शनिवार से सुपर स्पेशिलिटी में कैंसर रोगियों के लिए ओपीडी बंद कर दी गई है। ऑनकालॉजी यूनिट को अब कोविड वार्ड बना दिया गया है ताकि कोरोना मरीजों को सही समय पर सही इलाज मिल सके।

यह ओपीडी भी कर दी गई बंद
इसके अलावा नेत्र रोग, दंत रोग और चर्म रोग की ओपीडी भी बंद की गई है। इनके डॉक्टरों की ड्यूटी इमरजेंसी वार्ड में लगाई गई है।

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