गंगथ में जनता रास्ता न बनने पर परेशान, अदरंग के मरीज ने लगाई सरकार से रास्ता बनाने की गुहार #news4
June 17th, 2021 | Post by :- | 153 Views

इंदौरा : आजादी के सात दशक बीत जाने के बाद भी पुरानी गंगथ मोहल्‍ला को लोगों को आज तक पक्का रास्ता नसीब नहीं हुआ है और लोग वर्षो से रास्ते पर पड़ते नाले के कारण परेशान हैं। ग्रामीणों ने कहा कि उनके मुहल्ले में 15 घर हैं पर उक्त घरों को जाने के लिए सरकार ने कुछ हद तक रास्ता तो बनाया पर रास्ते पर जाने के लिए उनको एक नाला पार करना पड़ता है।

उस नाले पर हम ग्रामीणों ने एक अस्थाई स्लैप का निर्माण किया है। लोक निर्माण विभाग हर वर्ष उक्त नाले पर बनाई गई। अस्थाई स्लैप को तोड़ कर उक्त नाले की पानी की निकासी कर देता है पर आज तक पक्के तौर पर विभाग उस पर स्लैप का निर्माण करने में असमर्थ दिखा है। ग्रामीणों को अपने घरों और खेतों में जाने के लिए काफी असुविधा आती है।

वहीं गांव वासियों ने बताया कि उक्त गांव की भूमि में इस बार खेती भी नहीं हो सकी, क्योंकि जिस रास्ते से ट्रेक्टर जाने थे उस रास्ते मे पड़ते नाले पर लोकनिर्माण विभाग ने कोई रास्ता नहीं बनाया और जो एक छोटी सी सीमेंट पाइप डाल कर उस पर एक पगडंडी बना दी है। जिस पर से एक आदमी भी बढ़ी मुश्किल से निकलता है ।

ग्रामीणों ने कहा कि उनके गांव में तीन व्यक्ति ऐसे हैं जिनकी आयु 90 वर्ष 98 वर्ष है और गांव में दो अदरंग के मरीज हैं जो कि सही रूप से चल नहीं पाते हैं और जब वह विमार पड़ते हैं तो उनको कंधों पर उठा कर सड़क मार्ग तक लाना पड़ता है।

वहीं अदरंग की मरीज मीनाक्षी ने बताया कि उनको तीन वर्ष पहले अदरंग हुआ था, जबकि वह चल फिर नहीं सकती। उन्होंने सरकार से गुहार लगाई है कि उनको बाहर दवाई लेने के लिए जाने में दिक्कत होती है और उनके घर तक गाड़ी भी उक्त नाले के कारण नहीं पहुच रही। बीमारी से ग्रस्त युवती ने सरकार से गुहार लगाई है कि उनके रास्ते को सुचारू रूप से चलाया जाए। वहीं लोक निर्माण विभाग अधिशाषी अभियंता अरुण वशिष्ट ने कहा कि नाले में सीमेंट की पाइप डलवा दी गयी है। अगर फिर भी वह रास्ता सही तरीके से नहीं बना तो कनिष्ठ अभियंता को वहां पर भेज उसको चैक करवा लेते हैं और जल्द यह रास्ता सुचारू रुप से चला दिया जाएगा।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।