हिमाचल में अब मजदूरों को हड़ताल के लिए देना होगा 14 दिन का नोटिस, सरकार ने किया प्रावधान – News 4
September 15th, 2020 | Post by :- | 135 Views

हिमाचल प्रदेश में अब बिना नोटिस के मजदूर हड़ताल पर नहीं जा सकेंगे। हड़ताल पर जाने के उन्हें 14 दिन का नोटिस देना होगा। आवश्यक सेवाओं जैसे स्वास्थ्य, पानी, बिजली और अन्यों के अलावा गैर जरुरी सेवाओं में शामिल होटल, उद्योगों व कारखानों के मजूदरों को भी अब इसके दायरे में लाया गया है। विधानसभा के मानसून सत्र में उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने तीन विधेयक पेश किए जो उद्योग, कारखाना और मजूदरों से संबंधित थे। इन्हें विपक्ष के विरोध के बीच पारित कर दिया। कारखाना संशोधन विधेयक को लेकर विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया।

औद्योगिक विवाद हिमाचल प्रदेश संशोधन विधेयक 2020 के तहत 1947 से जो नियम चले आ रहे थे उनमें संशोधन किया गया है। प्रदेश में उद्योगों व कारखानों सहित होटल उद्योग को राहत प्रदान करने के लिए इस विधेयक को लाया गया। इन बिलों को विपक्ष और माकपा विधायक राकेश सिंघा ने विरोध किया और काले कानून करार दिया। अब बिजली से चलने वाले उद्योगों के लिए मजूदरों की संख्या को दस से बीस किया है जबकि बिना बिजली के चलने वाले उद्योगों के लिए पंजीकरण के लिए संख्या 20 से बढ़ाकर 40 की गई है। इसका विपक्ष ने विरोध किया।

मजदूरों को निकालने पर देना होगा दो माह का वेतन

मजदूरों को निकालने पर अब मजदूरों को दो माह का वेतन देना होगा अभी यह 15 दिनों का था। अब इसे बढ़ दिया है। इसका विपक्ष ने भी स्वागत किया। हालांकि किसी भी तरह का उल्लंघन करने जिसमें सजा का प्रावधान है उसे छोड़कर बाकी को कंपाउंड करने की व्यवस्था की गई है। इससे मजदूरों और उद्योग मालिकों को कई-कई वर्षों तक चलने वाले मामलों से छुटकारा मिलेगा। हालांकि दूसरी बार नियमों का उल्लंघन करने पर कंपाउंड नहीं हो सकेगा।

ओवर टाइम पर मिलेगी अब दोगुनी दिहाड़ी

ओवर टाइम पर अब मजूदरों को दोगुनी दिहाड़ी देनी होगी। इसके साथ ही आठ घंटे काम की शर्त के स्थान पर अब 12 घंटे भी काम लिया जा सकेगा। ओवर टाइम के घंटों को भी बढ़ा दिया है एक सप्ताह में 48 घंटे ओवर टाइम के स्थान पर 70 घंटे जबकि तीन माह में 75 घंटों के स्थान पर 115 घंटे ओवरटाइम लिया जा सकेगा। इसके साथ ही अब 200 मजदूरों की संख्या वाले उद्योग व कारखाने सरकार के अनुमति के बिना उद्योग को बंद कर सकेंगे। इससे पूर्व सौ मजूदरों तक की कंपनी या उद्योग के लिए ही यह व्यवस्था थी।

संशोधन पर ही बात रखें सदस्य : जयराम

विधेयकों पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हस्तक्षेप कर सदस्यों से कहा कि विधेयकों पर जो संशोधन है उसी पर बात रखें। आप राजनीतिक सभा में भाषण नहीं दे रहे हैं। श्रम कानून और कारखाना कानून को लेकर तीन विधेयकों पर विपक्ष और सत्ता पक्ष में खूब तनातनी हुई।

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