डॉक्टर, पुलिस और आशा वर्करों की करतूत पर नहीं होगा यकीन, ऐसे चला रहे थे धंधा
August 5th, 2020 | Post by :- | 111 Views

चंडीगढ़ः डाक्टर, आशा वर्कर और उनके साथ मिलकर एक पुलिस कर्मचारी अस्पताल में जो धंधा करते थे, उसे सुन कर आपको यकीन नहीं होगा। दरअसल, यह सभी लोग मिलकर नवजात बच्चे को अस्पताल से चोरी करके चंडीगढ़ बेचने का धंधा कर रहे थे। फ़िलहाल इस गिरोह के सदस्यों को पुलिस की तरफ से काबू कर लिया गया है।

पुलिस ने बताया कि गिरोह में पंजाब हैल्थ डिपार्टमैंट के कर्मचारी और डॉक्टर शामिल हैं। जांच में पता चला कि आरोपियों ने अभी तक सात बच्चे बेचे हैं। आरोपियों में 3 महिलाएं व दो पुरुष हैं। दो महिलाएं आशा वर्कर हैं तो एक पुरुष पंजाब पुलिस का कांस्टेबल है। पुलिस ने बच्चा चोर गैंग के आरोपियों की निशानदेही पर बेची गई एक बच्ची को मंगलवार रात बरामद कर लिया है। आरोपियों ने कुछ दिन पहले ही उसे चंडीगढ़ में बेचा था। आरोपियों ने बच्ची को एक लाख रुपए में खरीदा था। जांच में पता चला पकड़ी गई 2 महिला आशा वर्कर हैं। दोनों ही बच्चे को चोरी करती थी। पुलिस ने गिरोह के पकड़े गए पांचों सदस्यों को सैक्टर-31 थाना पुलिस ने मंगलवार को जिला अदालत में पेश किया। पुलिस ने आरोपियों का 7 दिन का पुलिस रिमांड मांगा। अदालत ने पांचों को सात दिन के  रिमांड पर भेज दिया।

4 लाख में बेचना था 
सैक्टर-37 निवासी रविंद्र सिंह ने पुलिस को शिकायत दी कि पंजाब से गिरोह बच्चा चोरी कर चंडीगढ़ में चार लाख रुपए में बेचने ऑल्टो गाड़ी में आ रहा है। सूचना मिलते ही सैक्टर-31 थाना पुलिस ने एयरपोर्ट लाइट प्वॉइंट पर नाका लगाया। शिकायतकत्र्ता की निशानदेही पर पुलिस ने ऑल्टो गाड़ी में सवार तीन महिलाओं और दो लोगों को दबोच लिया। पुलिस को उनसे दो दिन का बच्चा बरामद हुआ।

ऑन डिमांड करते थे चोरी
पकड़े गए आरोपियों सैक्टर-45 निवासी भावना, पटियाला के गांव जाहलें निवासी कुलदीप कौर, संगरूर के धुरी निवासी सरबजीत, लुधियाना निवासी मनदीप सिंह और पंजाब पुलिस का कांस्टेबल मोहाली निवासी अमरजीत सिंह ने बताया कि वह हॉस्पिटल से बच्चे चोरी कर बेचते हैं। पुलिस से बचने के लिए गिरोह में पंजाब पुलिस का कांस्टेबल अमरजीत सिंह शामिल है। गिरोह डिमांड के हिसाब से बच्चे चोरी करता था। चोरी किए ज्यादातर बच्चे दिल्ली और चंडीगढ़ में बेचे गए हैं।

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