नए रूप में नजर आएगी धार्मिक नगरी ज्वालामुखी, 35 करोड़ के प्रोजेक्‍ट पर काम कर रहे एडीबी व पर्यटन विभाग
July 14th, 2020 | Post by :- | 153 Views

धार्मिक नगरी ज्वालामुखी अब नए रूप में नजर आएगी। एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) व पर्यटन विभाग के संयुक्त प्रयासों से ज्वालामुखी की तस्वीर बदल दी है। 35 करोड़ के विकास पैकेज से बस अड्डा ज्वालामुखी के साथ पांच मंजिला अत्याधुनिक पार्किंग का कार्य चल रहा है। इस पार्किंग में 200 छोटी-बड़ी कारें खड़ी करने की व्यवस्था रहेगी। पार्किंग पर 11 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। मुख्य मंदिर मार्ग पर चार मंजिला सामुदायिक भवन बनकर तैयार है। इन दोनों स्थानों पर करीब 300 लोगों के एक साथ बैठने की क्षमता वाले दो रेस्तरां भवन भी तैयार हैं।

बहुमंजिला होने के कारण नवनिर्मित पार्किंग व सामुदायिक भवन में दो लिफ्ट भी स्थापित कर दी गई हैं। सामुदायिक भवन पर आठ करोड़ खर्च हुए हैं। 2017 में ज्वालामुखी के विकासात्मक ढांचे को मजबूत करने व शहर को सुंदर व व्यवस्थित करने के लिए एडीबी व पर्यटन विभाग सरकार द्वारा स्वीकृत हुए 35 करोड़ के इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। नगर परिषद के सातों वार्डों के रास्तों पर इंटरलॉक टाइल लगाकर चकाचक कर दिया गया है। प्राचीन अष्टभुजी माता मंदिर रास्ते पर टाइल लगा दी गई हैं।

इस प्रोजेक्ट के अधीन ज्वालामुखी मंदिर मार्ग की पुरानी केनोपी को हटाकर एक सुंदर केनोपी स्थापित की गई है, जिसमें 250 एलईडी लाइटें लगाईं गई हैं जबकि 250 नए बिजली के खंभे व लाइटें लगाई गई हैं। केनोपी पर दो करोड रुपये खर्च हुए हैं।

तारा देवी मंदिर के रास्ते पर करोड़ों के डंगे लगाकर नई सड़क बनकर तैयार है। भैरों बाबा मंदिर को जाने वाले रास्ते को भी दुरुस्त कर दिया गया है। यहां पर कार पार्किंग के लिए रिटेनिंग बॉल लगाई गई हैं। पानी के बहाव को रोकने के लिए तीन कलबट बनाई जा चुकी हैं। शहर में पर्यटन सूचना केंद्र के लिए भव्य भवन का निर्माण इसी प्रोजेक्ट के तहत कर दिया गया है। भवनों में सीसीटीवी कैमरों के अलावा एलईडी भी लगाई जा रही हैं। प्राचीन मौज गिरी तालाब के जीर्णोंद्धार पर भी एडीबी ने लाखों का बजट खर्च किया है।

क्‍या कहते हैं ठेकेदार व अधिकारी

  • इस प्रोजेक्ट पर तीन साल से काम चल रहा है। हर गली, मोहल्ले व मंदिर मार्गों सहित पुरानी धरोहरों पर भी काम किया गया है। -अजय सूद, ठेकेदार।
  • 35 करोड़ के प्रोजेक्ट में करीब 33 करोड़ के कार्य हो चुके हैं। दो करोड़ के बचे कामों को जल्द निपटा लिया जाएगा। दो महीने के अंदर प्रोजेक्ट का काम पूरा होने की उम्मीद है।  -धर्मेंद्र शर्मा, अधिशाषी अभियंता एडीबी।

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