गुप्त नवरात्र कल से, श्रीज्वालामुखी सहित अन्‍य शक्‍ितपीठों में होगी विशेष पूजा; जानिए क्‍या है महत्‍व….
June 21st, 2020 | Post by :- | 137 Views

बेशक कोरोना वायरस के कारण शक्तिपीठों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद हों, लेकिन सोमवार, 22 जून से शुरू हो रहे गुप्त नवरात्र में पुजारी नौ दिन तक चलने वाले पर्व में मां की विशेष पूजा करेंगे। इसके लिए तमाम तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस वर्ष इन गुप्त नवरात्रों में किए जाने वाले विशेष अनुष्ठान में कितने पुजारी भाग लेंगे यह तय नहीं हो पाया है। श्रद्धालुओं के आने जाने पर प्रतिबंध ही रहेगा।

क्या है महत्व

मां के शक्तिपीठों में साल भर में पांच नवरात्र का आयोजन किया जाता है। चैत्र माह के नवरात्र मुख्यत: मार्च-अप्रैल  में होते हैं। श्रावण अष्टमी का आयोजन जुलाई-अगस्त में जबकि अश्विन नवरात्र सितंबर-अक्टूबर में होते हैं। इसके इलावा फरवरी व जून में विशेष गुप्त नवरात्रों का आयोजन होता है। गुप्त नवरात्र सिद्धि प्राप्त करने व पूजा पाठ, जप, तप के लिए सर्वोत्तम माने जाते हैं। इन्हीं नवरात्र में बड़े-बड़े साधक यज्ञ अनुष्ठान करके मां को प्रसन्न करने की कोशिश करते हैं। बताया जाता है कि गुप्त नवरात्र में किए जाने वाले जप में एक मंत्र का जाप करने से लाखों गुणा लाभ मिलता है।

क्यों विशेष हैं फरवरी व जून में होने वाले गुप्त नवरात्र

सर्दियों से मां की पीढ़ी दर पीढ़ी पूजा अर्चना वाले पुजारियों की मानें तो साल में दो बार होने वाले गुप्त नवरात्र खास महत्व रखते हैं। फरवरी महीने में होने वाले गुप्त नवरात्र की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मां की मूर्ति रूप का जन्मोत्सव मनाया जाता है। वहीं जून महीने में सोमवार से शुरू हो रहे गुप्त नवरात्रों में शुक्ल पक्ष की अष्टमी को मां ज्वालामुखी का प्रकटोत्सव मनाया जाता है। मां के जन्मोत्सव से पहले किए जाने वाले अनुष्ठान में विश्व कल्याण के संकल्प के साथ गणपति, गायत्री व मां ज्वालामुखी के मूल मंत्र के साथ सप्त चंडी पाठ, चोंसठ योगनी पूजन व नित्य षोडशोपचार पूजन किया जाता है।

मुगल व आपातकाल से भी बुरा वक्‍त

पीढ़ी दर पीढ़ी उन्हें मां ज्वालामुखी की पूजा पाठ की सेवा का सौभाग्य मिला है। मुगल काल से लेकर ब्रिटिश काल यहां तक कि युद्ध व आपातकाल के दौरे में भी इतना बुरा वक्त नहीं आया कि मंदिरों के कपाट बंद हुए हों, कोरोना के कारण व्यवस्थाएं हिली हैं। –प्रशांत शर्मा, ज्वालामुखी।

नहीं हाेगा भंडारे का आयोजन

गुप्त नवरात्र के दौरान मां का अनुष्ठान सरकार द्वारा तय नियमों का पालन करते हुए किया जाएगा। अष्टमी के अवसर पर मैया के जन्मदिवस पर भी सूक्ष्म आयोजन होगा। इस दिन मां की विशेष पूजा अर्चना के बाद हर दिन की तरह भोग लगाया जाएगा। कोरोना के कारण किसी तरह के भंडारे का मंदिर में कोई आयोजन नहीं होगा। -जगदीश शर्मा, मंदिर अधिकारी, ज्वालामुखी।

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